पेगासस कांड को लेकर संसद में जारी गतिरोध खत्म करने के लिए विपक्ष को मनाने में लगी सरकार, 10 बड़ी बातें

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्ललाद जोशी ने कांग्रेस के मनीष तिवारी और राष्ट्रवादी कांग्रेस की सुप्रिया सुले से मुलाकात की है.

नई दिल्ली: पेगासस जासूसी कांड (Pegasus Scandal) की वजह से संसद में सप्ताह भर से चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार ने विपक्ष से संपर्क किया है. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्ललाद जोशी ने कांग्रेस के मनीष तिवारी और राष्ट्रवादी कांग्रेस की सुप्रिया सुले से मुलाकात की है. बता दें, पिछले सप्ताह कुछ मीडिया संस्थानों ने रिपोर्ट प्रकाशित की थी कि इजयारली कंपनी एनएसओ के पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल करने वाली एक अज्ञात एजेंसी ने विपक्षी नेताओं, मंत्रियों, भारतीय पत्रकारों सहित कई अन्य को टारगेट बनाया गया है. रिपोर्ट में एक टारगेट लिस्ट का जिक्र किया गया था, जिसमें विपक्षी नेताओं, कुछ केंद्रीय मंत्रियों और भारतीय पत्रकारों के फोन नंबर थे. बताया गया कि ये नंबर इस एजेंसी के संभावित जासूसी के लिए टारगेट थे. जिसके बाद से संसद में सरकार पर विपक्ष हमलावर है.

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
1. सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति पर चर्चा करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ लंच किया.
2. 18 जुलाई को पेगासस स्पाइवेयर कांड सामने आने के बाद से संसद के मानसून सत्र में कोई कामकाज नहीं हुआ है.
3. विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पष्टीकरण की मांग की है. विपक्ष ने पेगासस स्पाइवेयर निर्माता एनएसओ के बयान ‘यह केवल जांची-परखी सरकारों को सॉफ्टवेयर दिया जाता है.’ का हवाला देकर इस मुद्दे पर पीएम की सफाई की मांग कर रहा है.
4. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा और पीएम मोदी के खिलाफ जांच की मांग की है.
5. आज भी, राज्यसभा को स्थगित कर दिया गया क्योंकि विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया.
6. लोकसभा लगभग 30 मिनट तक चली, प्रश्नकाल के दौरान कुछ सवाल लिए गए. इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. बाद में दो विधेयक पारित किए गए – फैक्टरिंग रेगूलेशन (संशोधन) विधेयक और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान बिल.
7. राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने व्यवधानों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि उनके नोटिस स्वीकार किए जाने के बाद भी सदन के 90 सदस्यों को सार्वजनिक मुद्दों को उठाने के अवसर से वंचित किया जा रहा है.
8. मुद्दों में COVID-19 टीकों की कमी, टीकाकरण का समयबद्ध समापन, महामारी के कारण बेरोजगारी, पेट्रोल कीमतों में इजाफा, प्रेस की स्वतंत्रता पर कथित हमले और लक्षद्वीप की स्थिति शामिल हैं.
9. गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डॉ शांतनु सेन को हंगामे के बीच पेगासस मामले पर आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के बयान को छीनने और उछालने के लिए बाकि बचे मानसून सत्र के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया था.
10. इस सत्र के लिए 17 नए विधेयक सूचीबद्ध हैं, जबकि चार लोकसभा में और तीन राज्यसभा में लंबित हैं.

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